दुर्ग जिले में पिंक गश्त टीम बनाई गई हैं। कामकाजी महिलाओं की व लड़कियों की सुरक्षा के लिए पिंक गस्त टीम विशेष तौर पर महिला पुलिस के 144 जवानों को मिलाकर बनाया गया है। जो शहर और ग्रामीण इलाकों में रात में गश्त करेंगी। प्रदेश में ऐसा पहला प्रयोग है,जब महिला पुलिस को टीम रात में गश्त करेंगी।
दुर्ग पुलिस द्वारा महिला पुलिस को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने को लेकर एक नई पहल की जा रही है, देर रात तक घर लौटने वाले कामकाजी महीलाओं और युवतियों को इससे काफी फायदा मिलेगा। दुर्ग पुलिस प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली हैं। महिला पुलिस की टीम के 144 जवानो को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही हैं। एसपी प्रशांत अग्रवाल ने दुर्ग आते ही पुलिसिंग का हुलिया ही बदल दिया है। जिसका असर अब देखने मिल रहा है ,एसपी के निर्देश में एएसपी शहर संजय ध्रुव ने इस विषय पर पूरी प्लानिंग कर ली हैं। साथ ही 144 महिला पुलिसकर्मियों को आरक्षित कर चुके हैं। महिला पुलिस टीम आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। जिला पुलिस प्रशासन ने पिंक गश्त शुरू करने की योजना पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। इसका अभी शहरों में प्रयोग किया जाएगा जिसमें महीने में दो दिन पिंक गस्त टीम जिले के शहरी क्षेत्रों में गश्त करेगी बाद में ग्रामीण इलाकों में इसकी शुरुआत की जाएगी। एसपी संजय ध्रुव कहना है कि पुरूष को गस्त करते हैं लेकिन महिलाओ के सुरक्षा के लिए व असमाजिक तत्वों द्वारा रात में बड़ी घटनाओं जैसे महिलाओ से छेड़छाड़, चोरी, लूट, डकैती को अंजाम दिया जाता है। इसलिए महिला पुलिस को आपात स्थिति से निपटने सक्षम बनाया जा रहा है। इनकी ट्रेनिंग के बाद बहुत जल्द इन्हें मैदान में उतारा जाएगा।
