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कोल लेवी घोटाले में बड़ी कार्रवाई: फर्जी कंपनियों से कैश कन्वर्ज़न कराने वाला राकेश कुमार जैन गिरफ्तार



रायपुर / छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अवैध कोल लेवी वसूली प्रकरण में आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW/ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कंपनियों के जरिये करोड़ों रुपये को कैश में बदलने वाले मुख्य आरोपी राकेश कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 19 दिसंबर 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।


50 करोड़ से अधिक की अवैध लेवी को कैश में बदलने के साक्ष्य


एसीबी की जांच में सामने आया है कि राकेश जैन ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत अपने, अपने परिजनों, कर्मचारियों और परिचितों के नाम पर दर्जनों फर्जी कंपनियां बनाई थीं। इन्हीं कंपनियों के माध्यम से अवैध कोल लेवी से प्राप्त राशि को—


हवाला रूट,
फर्जी बिल,
और नकली खर्चों
के सहारे सफेद दिखाकर नकद में बदल दिया जाता था। जांच में अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के कैश कन्वर्जन के प्रमाण मिले हैं।


सूर्यकांत तिवारी और अनवर ढेबर से जुड़ाव
जांच में यह भी उजागर हुआ है कि राकेश जैन के नेटवर्क के जरिए यह नकद राशि कोल लेवी घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाई जाती थी।


साथ ही, उसने शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के लिए भी अवैध रकम को ‘एंट्री ऑपरेशन’ के जरिये पक्का कराने की भूमिका निभाई। इस संबंध में भी जांच जारी है।


भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व IPC की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज


आर्थिक अपराध ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 03/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7-ए, 12 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 384 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है।


राकेश जैन को 11 दिसंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था और उसके बाद से लगातार पूछताछ जारी है।


पहले भी कई मामलों में आरोपी
राकेश जैन पहले भी धोखाधड़ी और आर्थिक अनियमितताओं के कई मामलों में आरोपी रह चुका है और लंबे समय से फरार चल रहा था। रायपुर के कोतवाली और मौदहापारा थानों में भी उसके खिलाफ कई अपराध दर्ज हैं।


अब आगे की कार्रवाई
एसीबी अब उसके वित्तीय लेनदेन, फर्जी कंपनियों की संरचना, हवाला कनेक्शन और मुख्य आरोपियों से धन के प्रवाह की विस्तृत जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

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