भारतमाला मुआवजा घोटाला और डीएमएफ फंड में कथित अनियमितताओं की जांच तेज, रायपुर से अंबिकापुर तक ईडी की दबिश
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरबा और अंबिकापुर में करीब 9 ठिकानों पर ईडी की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के बाद संबंधित क्षेत्रों में दिनभर हलचल का माहौल बना रहा।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना में मुआवजा वितरण से जुड़े कथित घोटाले और जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों से संबंधित है। ईडी इन मामलों में मनी ट्रेल, वित्तीय लेन-देन और विभिन्न व्यक्तियों एवं संस्थानों की भूमिका की जांच कर रही है।
धमतरी जिले के आमापारा स्थित भारतमाला परियोजना से जुड़े ठेकेदार दीपेश गांधी के आवास पर ईडी की टीम ने दस्तावेजों की पड़ताल की। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर केंद्रीय बलों के जवान भी मौके पर तैनात रहे। बताया जा रहा है कि भारतमाला परियोजना में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई है।
वहीं, अंबिकापुर में ईडी ने सरगुजा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी। शहर स्थित मानसून एग्रो एजेंसी में जांच एजेंसी की टीम ने दस्तावेजों की जांच की। राकेश गुप्ता का नाम डीएमएफ फंड से जुड़े कथित मामले में सामने आने के बाद ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाया है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान उनके और परिवार के कुछ सदस्यों के मोबाइल फोन बंद मिले।
रायपुर में भी केंद्रीय जांच एजेंसी ने सास्वत लूनावत के निवास पर छापेमारी की कार्रवाई की। इसके अलावा दुर्ग और कोरबा में भी विभिन्न ठिकानों पर जांच जारी रही। ईडी की टीमें बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय लेन-देन का ब्यौरा जुटाने में लगी हैं।
फिलहाल ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारतमाला मुआवजा प्रकरण और डीएमएफ फंड में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे तथा नई कार्रवाइयां सामने आ सकती हैं।
