रायपुर साहित्य उत्सव में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश और साहित्य आज तक के संपादक जयप्रकाश पाण्डेय के बीच संवाद
रायपुर, 23 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, बौद्धिक एवं वैचारिक चेतना को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने के उद्देश्य से पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के पहले दिन राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश और साहित्य आज तक के संपादक जयप्रकाश पाण्डेय के बीच संवाद सत्र हुआ। यह संवाद अनिरुद्ध नीरव मंडप में आयोजित किया गया, जिसमें भारत की विकास गाथा और युवाओं तक साहित्य पहुंचाने पर चर्चा की गई।
हरिवंश ने कहा कि साहित्य में समाज को जोड़ने की अद्भुत शक्ति है। यह अलग-अलग विचारों, समाजों और राज्यों के बीच वैचारिक टकराव को समाप्त कर सकता है। रायपुर साहित्य उत्सव जैसे आयोजन समाज को जोड़ने और आने वाली पीढ़ी को साहित्य की समझ सिखाने के लिए बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे गांवों, राज्यों और देश में ऐसी अनेक ऐतिहासिक धरोहरें, ग्रंथ, महान इतिहासकार और साहित्यकार हुए हैं, जिन पर हमें गर्व होना चाहिए। लेकिन हम विदेशी चीजों से अधिक प्रभावित हो गए हैं। हमारे देश का साहित्य इतना समृद्ध है कि दुनिया इससे सीख सकती है। यह हीनता-बोध तभी समाप्त होगा जब ऐसे आयोजन देश के हर जिले और हर राज्य में होंगे। उन्होंने गांवों की संस्कृति और धरोहरों पर लिखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारत आज मशाल जलाकर दुनिया को राह दिखा रहा है। 2014 के बाद देश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ा है। किसी भी देश के विकास का सही परिचय उसके गांवों और अंतिम पंक्ति के नागरिकों से मिलता है। आज गांवों में पक्के मकान हैं और डिजिटल क्रांति के तहत पूरे देश में यूपीआई जैसे माध्यमों से लेन-देन हो रहा है।
