रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज बालोद जिले में आयोजित राष्ट्रीय जंबूरी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आयोजन में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप लगाए, जिस पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने जंबूरी आयोजन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि टेंडर जारी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 दिसंबर 2025 को पहला टेंडर निकाला गया, जिसे निरस्त कर 23 दिसंबर को दोबारा टेंडर जारी किया गया। साथ ही आयोजन के 90 बिंदुओं को घटाकर 52 कर दिया गया, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
विधायक ने यह भी पूछा कि टेंडर किसके निर्देश पर निकाला गया, जब उस समय पदेन अध्यक्ष की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। उन्होंने पूरे मामले की विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग की।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जंबूरी आयोजन का निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिया गया था और इसका क्रियान्वयन जिला शिक्षा अधिकारी बालोद के माध्यम से नियमानुसार किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां कोई घोटाला नहीं हुआ, वहां जांच का सवाल ही नहीं उठता।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार पर तथ्य छिपाने का आरोप लगाया और सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक से सदन का माहौल गरमा गया।
