रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास पर बुधवार रात आयोजित मंत्रिपरिषद की मैराथन बैठक करीब पांच घंटे तक चली। रात करीब दो बजे बैठक समाप्त हुई। बैठक को लेकर दिनभर मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन बैठक के बाद बाहर निकले मंत्रियों ने इन अटकलों को खारिज करने की कोशिश की।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री टंकराम वर्मा, लक्ष्मी राजवाड़े, गुरु खुशवंत साहेब, गजेंद्र यादव, दयाल दास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, लखनलाल देवांगन, राजेश अग्रवाल सहित अन्य मंत्री मौजूद रहे। बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी पवन साय और सह-प्रभारी अजय जामवाल की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी। बैठक समाप्त होने के बाद सबसे पहले अजय जामवाल और पवन साय मुख्यमंत्री निवास से बाहर निकले।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम ने मुस्कुराते हुए कहा, “मुस्कुराइए, सब ठीक है। आप लोग ही माहौल बना रहे थे।” उनके इस बयान को मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों पर जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं मंत्री अरुण साव ने कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर चर्चा हुई और विभिन्न योजनाओं व उपलब्धियों की समीक्षा की गई।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैठक को पूरी तरह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि ऐसी बैठकें पहले भी होती रही हैं और कई बार इससे भी लंबी चलती हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में शासन के विभिन्न विषयों के साथ कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश मॉडल के एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जो भी होगा, वह पूरी तरह कानून और न्याय के दायरे में होगा।
बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं। मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों के बीच हुई इस बैठक से कोई बड़ा राजनीतिक संकेत तो फिलहाल सामने नहीं आया, लेकिन भाजपा संगठन और सरकार के शीर्ष नेतृत्व की एक साथ मौजूदगी ने इसे सामान्य समीक्षा बैठक से अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में सरकार और संगठन स्तर पर कोई बड़ा फैसला सामने आता है या नहीं।
